तीन मुख्य प्रतिबद्धताएँ

परम पावन जी के जीवन की तीन मुख्य प्रतिबद्धताएँ हैं।

प्रथमतः, एक मानव जीवन के स्तर पर, परम पावन की पहली प्रतिबद्धता मानवीय मूल्यों जैसे करुणा, क्षमा, धैर्य, संतोष और आत्म - अनुशासन का विकास करना। सभी मानव जीव समान हैं। हम सभी सुख चाहते हैं और दुःख नहीं चाहते। ऐसे व्यक्ति जो धर्म पर विश्वास नहीं करते, वे भी अपने जीवन को और सुखी बनाने में इन मानवीय मूल्यों के महत्त्व को पहचानते हैं। परम पावन इन मानवीय मूल्यों को धर्म निरपेक्ष नैतिकता के नाम से संबोधित करते हैं। वे इन मानवीय मूल्यों के महत्त्व के विषय में बात करने तथा प्रत्येक मिलने वाले के साथ उसे बाँटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

दूसरा, धार्मिक अभ्यासी के स्तर पर, परम पावन की दूसरी प्रतिबद्धता धार्मिक सौहार्द की भावना और विश्व के प्रमुख धार्मिक परंम्परा की आपसी समझ को बढ़ावा देना है। दार्शनिक स्तर पर अंतर होने के बावजूद सभी प्रमुख धर्मों में अच्छे मानव बनाने की एक समान क्षमता है। अतः सभी धार्मिक परंम्पराओं के लिए यह महत्त्वपूर्ण है कि वे एक दूसरे का सम्मान करें तथा एक दूसरे की परंपराओं के मूल्य को पहचानें। जहाँ तक एक सत्य, एक धर्म का संबंध है इसका एक वैयक्तिक स्तर पर महत्त्व है। परन्तु एक विशाल समुदाय के लिए कई सत्यों, कई धर्मों की आवश्यकता है।

तीसरा, परम पावन तिब्बती हैं तथा दलाई लामा का नाम धारण किए हैं। तिब्बतियों का उन पर विश्वास है। इसलिए उनकी तीसरी प्रतिबद्धता तिब्बती प्रश्न को लेकर है। परम पावन पर तिब्बतियों के न्यायिक संघर्ष के प्रवक्ता का उत्तरदायित्व है। जहाँ तक इस तीसरी प्रतिबद्धता का प्रश्न है एक बार तिब्बतियों तथा चीनियों के बीच एक आपसी लाभकारी समाधान निकलते ही वह नहीं रहेगा।

परन्तु परम पावन अपनी अंतिम श्वास तक अपनी पहली दो प्रतिबद्धताओं पर कायम रहेंगे।

 

 

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