The 14th Dalai Lama https://www.dalailamahindi.com/ en-us यूनाइटेड किंगडम के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को बधाई संदेश https://www.dalailamahindi.com/news/यूनाइटेड-किंगडम-के-नव-निर्वाचित-प्रधानमंत्री-एंडी-बर्नहम-को-बधाई-संदेश Kailash Bauddha https://www.dalailamahindi.com/news/यूनाइटेड-किंगडम-के-नव-निर्वाचित-प्रधानमंत्री-एंडी-बर्नहम-को-बधाई-संदेश शेवात्सेल फोड्रंग, लेह, लद्दाख, भारत - परम पावन दलाई लामा ने एंडी बर्नहम को यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री का पद संभालने पर बधाई देते हुए पत्र लिखा है।

उन्होंने लिखा, "आज विश्व बहुत मुश्किल और अनिश्चित दौर से गुज़र रहा है। ऐतिहासिक रूप से, आपके देश ने अंतरराष्ट्रीय मामलों में नेतृत्व की भूमिका निभाई है। मुझे उम्मीद है कि अपने देश के विकास के लिए कार्य करते हुए, आप मानवता की एकता और शांति व खुशी की साझा इच्छा में पक्के विश्वास के साथ, हमारे सामने मौजूद समस्याओं — चाहे वे तत्काल हों या दीर्घकालिक — को हल करने के लिए दूसरे देशों के साथ मिलकर कार्य करेंगे।"

"जैसा कि आप जानते होंगे, हम तिब्बतियों के आपके देश के साथ लंबे समय से ऐतिहासिक और अनोखे संबंध रहे हैं। वहाँ अपनी कई यात्राओं के दौरान, मैंने जीवन के हर क्षेत्र के लोगों से मिले स्नेह और मानवीय मूल्यों, अहिंसा व विभिन्न धर्मों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने के मेरे प्रयासों के लिए उनके समर्थन की गहराई से सराहना की है।"

परम पावन ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "ब्रिटिश लोगों की ज़रूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने में आने वाली चुनौतियों का सामना करने और हम सभी के लिए एक अधिक शांतिपूर्ण और करुणामय विश्व बनाने में योगदान देने में मैं आपकी सफलता की कामना करता हूँ।"

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धन्यवाद संदेश https://www.dalailamahindi.com/news/धन्यवाद-संदेश Kailash Bauddha https://www.dalailamahindi.com/news/धन्यवाद-संदेश मेरे 91वें जन्मदिन पर आप सभी की शुभकामनाओं के लिए मैं आपका धन्यवाद करना चाहता हूँ। जैसा कि मैंने 6 जुलाई को लेह, लद्दाख, भारत में एकत्र लोगों से कहा था, जब मैं अपने जीवन को पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो पाता हूँ कि मेरी साधना का मुख्य उद्देश्य दूसरों का भला करना रहा है। यही वह निस्वार्थ भावना है जिसके साथ मैं हर दिन उठता हूँ।

करुणा और दया का प्रसार करना मेरे जीवन का मुख्य उद्देश्य है। हमारे विश्व को सभी के लिए बेहतर स्थान बनाने के लिए ऐसी सोच बहुत ज़रूरी है। इसलिए, मैं हर जगह अपने भाइयों और बहनों से—चाहे वे युवा हों या बुजुर्ग—आग्रह करता हूँ कि वे दूसरों की भलाई की सच्ची चिंता करते हुए प्रेम और करुणा का भाव अपनाएँ। मेरा मानना ​​है कि ऐसा कर पाना ही सेवा-भाव से भरा एक सार्थक और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीना है।

जैसा कि आप जानते होंगे, पिछले महीने नई दिल्ली में मेरे बाएँ घुटने की सफल चिकित्सा प्रक्रिया के बाद से मैं यहाँ लद्दाख में स्वास्थ्य लाभ कर रहा हूँ। विगत वर्षों की तरह, मुझे वर्ष के इस समय यहाँ का मौसम मेरे स्वास्थ्य के लिए बहुत अनुकूल लगता है, और इसलिए मेरी योजना अगले कुछ हफ़्तों तक लद्दाख में ही रहने की है।

मेरी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं के साथ

दलाई लामा

8 जुलाई 2026

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वेनेज़ुएला में आए भूकंप पर शोक संदेश https://www.dalailamahindi.com/news/वेनेज़ुएला-में-आए-भूकंप-पर-शोक-संदेश Kailash Bauddha https://www.dalailamahindi.com/news/वेनेज़ुएला-में-आए-भूकंप-पर-शोक-संदेश वेनेजुएला में हाल ही में आए भूकंप से हुई तबाही से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस आपदा में कई कीमती जानें चली गईं और बहुत से लोग घायल हुए हैं। मैं मृतकों के चित्त की शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ और इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और दुख व्यक्त करता हूँ।

असल में, हम सभी एक जैसे इंसान हैं। हम सब खुशी चाहते हैं और ऐसे दुखों से बचना चाहते हैं। अपनी इसी साझा मानवता के नाते, हम सबकी यह ज़िम्मेदारी है कि हम एक-दूसरे की मदद और समर्थन करें। इसलिए, मुझे इस बात से बहुत हिम्मत मिली है कि सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय बचावकर्मी वेनेज़ुएला पहुँच चुके हैं, ताकि वे इस गहरे दुख की घड़ी में वहाँ के लोगों का साथ दे सकें और उनकी मदद कर सकें।

मैं यह भी कहना चाहूँगा कि 1992 में वेनेज़ुएला की अपनी चार दिन की यात्रा के दौरान, वहाँ के हर तरह के लोगों ने जिन मूल्यों का मैंने प्रचार किया है — जैसे कि प्रेम-दया, करुणा, संतोष, आत्म-अनुशासन और दुनिया की धार्मिक परंपराओं के बीच सद्भाव के प्रति जो खुलापन और उत्साह दिखाया, उससे मैं बहुत प्रभावित हुआ। मुझे पूरा यकीन है कि लोगों की वही गर्मजोशी और जज़्बा उन्हें इस बेहद कठिन समय से बाहर निकालेगा।

प्रार्थनाओं सहित

दलाई लामा

27 जून 2026

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री को दी शुभकामनाएँ https://www.dalailamahindi.com/news/कर्नाटक-के-मुख्यमंत्री-को-शुभकामनाएँ Kailash Bauddha https://www.dalailamahindi.com/news/कर्नाटक-के-मुख्यमंत्री-को-शुभकामनाएँ परम पावन ने लिखा, “कर्नाटक में 30,000 से ज़्यादा निर्वासित तिब्बती रहते हैं, जो भारत में तिब्बती समुदाय की सबसे बड़ी आबादी है। हम राज्य और वहाँ के लोगों की अटूट मित्रता एवं उदार सहयोग के लिए बहुत आभारी हैं। यह बड़े गर्व की बात है कि प्राचीन भारतीय ज्ञान की नालंदा परंपरा पर आधारित हमारे मुख्य अध्ययन केंद्र कर्नाटक में स्थापित हुए हैं।

“मैं इस मौके पर कर्नाटक सरकार तथा राज्य के लोगों का ह्रदय की गहराई से धन्यवाद व्यक्त करना चाहता हूँ कि उन्होंने वहाँ बसे तिब्बती समुदाय का बड़े स्नेह और आतिथ्य के साथ स्वागत किया।

"मैं कामना करता हूँ कि आप भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए कर्नाटक के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करेंगे तथा विशेष रूप से राज्य के सबसे वंचित और कमजोर नागरिकों के जीवन में सार्थक एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने में सफल होंगे।"

परम पावन ने अपनी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं के साथ अपनी बात समाप्त की।

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घोषणा https://www.dalailamahindi.com/news/घोषणा Kailash Bauddha https://www.dalailamahindi.com/news/घोषणा परम पावन दलाई लामा कल धर्मशाला से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे, जहाँ उनके बाएँ घुटने का इलाज किया जाएगा। स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के उपरांत, परम पावन जून के अंत में लंबे प्रवास हेतु लद्दाख प्रस्थान करेंगे

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संदेश https://www.dalailamahindi.com/news/संदेश Don Eisenberg https://www.dalailamahindi.com/news/संदेश इस पावन अवसर बुद्ध पूर्णिमा — वैशाख दिवस, जो गौतम बुद्ध के जन्म, बोधि प्राप्ति तथा महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है, मैं अपने वैश्विक बौद्ध परिवार के प्रत्येक सदस्य को हार्दिक शुभकामनाएँ और प्रार्थनाएँ अर्पित करता हूँ।

यह पवित्र दिवस हमें उस प्रकाश की याद दिलाता है, जिसे शाक्यमुनि बुद्ध ने लगभग 2,500 वर्ष पहले इस संसार में प्रज्वलित किया था। यद्यपि तब से संसार में अत्यधिक परिवर्तन आ चुका है, फिर भी उनके उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। प्रतीत्यसमुत्पाद के विषय में उनकी गहन समझ, और किसी को भी हानि न पहुँचाने तथा सभी प्राणियों की सहायता करने का उनका संदेश, आज के अशांत समय में जीवन जीने के लिए सबसे करुणामय और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करता है।

जब भी अवसर मिलता है, मैं उन लोगों को, जो स्वयं को बुद्ध का अनुयायी मानते हैं, 21वीं सदी का बौद्ध बनने के लिए प्रेरित करता हूँ-अर्थात् बुद्ध के उपदेशों के वास्तविक अर्थ को समझें और उन्हें अपने जीवन में अपनाएँ। इसके लिए आवश्यक है कि हम सुनें और पढ़ें, जो सुना या पढ़ा है उस पर गहराई से मनन करें, और उसको भली-भाँति आत्मसात करें।

इस सुखद अवसर, 2,570वीं बुद्ध जयंती के उत्सव पर, मैं अपने सभी बौद्ध भाई-बहनों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ। मैं प्रार्थना करता हूँ कि हम सभी अपने दैनिक जीवन में बुद्ध के उपदेशों को अपनाकर एक अधिक सुखी और शांतिपूर्ण संसार के निर्माण में योगदान दें।

अपनी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं सहित,

दलाई लामा
1 मई 2026

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प्रेस वक्तव्य https://www.dalailamahindi.com/news/प्रेस-वक्तव्य Don Eisenberg https://www.dalailamahindi.com/news/प्रेस-वक्तव्य "एपस्टीन फाइल्स" से जुड़ी कुछ हालिया मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में परम पावन दलाई लामा को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हम साफ तौर पर पुष्टि करते हैं कि परम पावन कभी भी जेफरी एपस्टीन से नहीं मिले हैं और न ही उन्होंने अपनी ओर से किसी को भी उनसे मिलने या बातचीत करने की इजाज़त दी है।

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बिहार के मुख्यमंत्री को बधाई https://www.dalailamahindi.com/news/बिहार-के-मुख्यमंत्री-को-बधाई Don Eisenberg https://www.dalailamahindi.com/news/बिहार-के-मुख्यमंत्री-को-बधाई उन्होंने लिखा कि,  “इतने वर्षों में बिहार, विशेषकर  बोधगया की मेरी यात्राओं के दौरान आपने जो अपनी दोस्ती और शानदार मेहमाननवाज़ी की है, उसके लिए मैं आपका बहुत आभारी हूँ। “मैं ऐतिहासिक नालंदा परंपरा से निर्गत प्राचीन भारतीय विचारों के बारे में अधिक जागरूकता एवं दिलचस्पी बढ़ाने की मेरी कोशिशों में आपके लगातार सहयोग तथा हौसला बढ़ाने के लिए भी आपका शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ। जैसा कि आप जानते हैं, भारत की करुणा की पुरानी सोच तथा उससे निकलने वाला व्यवहार — अहिंसा — बाकी विश्व के लिए एक प्रेरणा देने वाला उदाहरण है।

“इतने वर्षों में, बिहार ने जीवन के कई हिस्सों में काफ़ी विकास और बढ़ती खुशहाली देखी है।ऐसी कामयाबियाँ तब और भी मायने रखती हैं जब वे सच में गरीब एवं ज़रूरतमंद लोगों की ज़िंदगी को बेहतर बनाती हैं।

मैं प्रार्थना करता हूँ कि आप आगे आने वाली चुनौतियों का सामना करने एवं बिहार के लोगों की उम्मीदों और ज़रूरतों को पूरा करने में लगातार सफल होंगे।”

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दलाई लामा संस्था की निरंतरता की पुष्टि करने वाला वक्तव्य https://www.dalailamahindi.com/news/2025/दलाई-लामा-संस्था-की-निरंतरता-की-पुष्टि-करने-वाला-वक्तव्य Don Eisenberg https://www.dalailamahindi.com/news/2025/दलाई-लामा-संस्था-की-निरंतरता-की-पुष्टि-करने-वाला-वक्तव्य 24 सितंबर 2011 को तिब्बती आध्यात्मिक परंपराओं के प्रमुखों की एक बैठक में, मैंने तिब्बत के अंदर एवं बाहर रहने वाले साथी तिब्बतियों, तिब्बती बौद्ध धर्म के अनुयायियों, तिब्बत तथा तिब्बतियों से जुड़े लोगों के सामने एक बयान दिया था कि क्या दलाई लामा की संस्था जारी रहनी चाहिए। मैंने कहा, "1969 में ही मैंने स्पष्ट कर दिया था कि संबंधित लोगों को यह तय करना चाहिए कि भविष्य में दलाई लामा के पुनर्जन्म को जारी रखा जाना चाहिए अथवा नहीं।“

मैंने यह भी कहा, "जब मैं लगभग नब्बे वर्ष का हो जाऊँगा, तो मैं तिब्बती बौद्ध परंपराओं के उच्च लामाओं, तिब्बती जनता और तिब्बती बौद्ध धर्म का पालन करने वाले अन्य संबंधित लोगों से परामर्श करूँगा, ताकि इस बात का पुनर्मूल्यांकन किया जा सके कि दलाई लामा की संस्था जारी रहनी चाहिए या नहीं।"

हालाँकि मैंने इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक चर्चा नहीं की है, लेकिन पिछले 14 वर्षों में तिब्बत की आध्यात्मिक परंपराओं के नेताओं, निर्वासित तिब्बती संसद के सदस्यों, विशेष आम सभा की बैठक में भाग लेने वालों, केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सदस्यों, गैर सरकारी संगठनों, हिमालयी क्षेत्र, मंगोलिया, रूसी संघ के बौद्ध गणराज्यों और चीन सहित एशिया के बौद्धों ने मुझे कारणों सहित पत्र लिखकर आग्रह किया है कि दलाई लामा की संस्था जारी रहे। विशेष रूप से, मुझे तिब्बत में रहने वाले तिब्बतियों से विभिन्न माध्यमों से संदेश मिले हैं जिनमें यही अपील की गई है। इन सभी अनुरोधों के अनुसार, मैं पुष्टि कर रहा हूँ कि दलाई लामा की संस्था जारी रहेगी।

भावी दलाई लामा को मान्यता देने की प्रक्रिया 24 सितंबर 2011 के वक्तव्य में स्पष्ट रूप से स्थापित की गई है, जिसमें कहा गया है कि ऐसा करने की जिम्मेदारी केवल परम पावन दलाई लामा के कार्यालय, गादेन फोड्रंग ट्रस्ट के सदस्यों पर होगी। उन्हें तिब्बती बौद्ध परंपराओं के विभिन्न प्रमुखों और दलाई लामाओं की वंशावली से अविभाज्य रूप से जुड़े विश्वसनीय शपथबद्ध धर्म रक्षकों से परामर्श करना चाहिए। उन्हें तदनुसार पिछली परंपरा के अनुसार खोज और मान्यता की प्रक्रियाओं को पूरा करना चाहिए।

 मैं पुनः दोहराता हूँ कि गादेन फोड्रंग ट्रस्ट को भावी पुनर्जन्म को मान्यता देने का एकमात्र अधिकार है, किसी अन्य को इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

 दलाई लामा

 धर्मशाला

21 मई 2025

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परम पावन पोप फ्रांसिस के निधन पर शोक संवेदना https://www.dalailamahindi.com/news/2025/परम-पावन-पोप-फ्रांसिस-के-निधन-पर-शोक-संवेदना Don Eisenberg https://www.dalailamahindi.com/news/2025/परम-पावन-पोप-फ्रांसिस-के-निधन-पर-शोक-संवेदना थेकछेन छोइलिंग, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश, भारत -परम पावन दलाई लामा ने भारत के अपोस्टोलिक नन्सियो, परम पूज्य लियोपोल्डो गिरेली को पत्र लिखकर परम पावन पोप फ्रांसिस के निधन पर दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा कि वे आपके आध्यात्मिक भाइयों, बहनों तथा विश्व भर में आपके अनुयायियों के लिए प्रार्थना एवं संवेदना व्यक्त करते हैं।

उन्होंने कहा, "परम पावन पोप फ्रांसिस ने स्वयं को दूसरों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया," "अपने कार्यों से लगातार वह यह प्रकट करते रहे कि कैसे एक सरल, लेकिन सार्थक जीवन जिया जाए। हम उन्हें जो सबसे अच्छी श्रद्धांजलि दे सकते हैं, वह यह है कि हम एक दयालु व्यक्ति बनें तथा जहाँ भी और जिस भी तरह से भी संभव हो, दूसरों की सेवा करें।"

परम पावन ने अपना पत्र, “अपनी प्रार्थनाओं के साथ” समाप्त किया।

तिब्बती समुदाय द्वारा धर्मशाला स्थित मुख्य तिब्बती बुद्ध विहार में एक स्मृति सेवा आयोजित की जा रही है।

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म्यांमार में आये भूकंप पर दुःख व्यक्त किया https://www.dalailamahindi.com/news/2025/म्यांमार-में-आये-भूकंप-पर-दुःख-व्यक्त-किया Don Eisenberg https://www.dalailamahindi.com/news/2025/म्यांमार-में-आये-भूकंप-पर-दुःख-व्यक्त-किया थेगछेन छोइलिंग, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश, भारत-परम पावन दलाई लामा ने म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप पर अपना दुःख व्यक्त किया है।भूकंप के कारण अनेक बहुमूल्य जीवन नष्ट हुए तथा अनेक घायल हो गए हैं।

उन्होंने लिखा, "मैं उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है तथा म्यांमार एवं थाईलैंड जैसे पड़ोसी देशों में उन सभी लोगों के लिए भी प्रार्थना करता हूँ जो इस त्रासदी से प्रभावित हुए हैं।"

"इस दौरान, यह जानकर खुशी हो रही है कि संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के अलावा, भारत जैसे देश भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत प्रयासों में मदद के लिए मानवीय सहायता भेज रहे हैं।

"म्यांमार के लोगों के साथ अपनी एकजुटता के प्रतीक के रूप में मैंने दलाई लामा के गादेन फोड्रंग फाउंडेशन से बचाव एवं राहत प्रयासों के लिए उचित माध्यमों से दान देने का अनुरोध किया है।"

परम पावन का संदेश उनकी प्रार्थनाओं के साथ समाप्त हुआ।

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कनाडा के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री को बधाई https://www.dalailamahindi.com/news/2025/कनाडा-के-नव-निर्वाचित-प्रधानमंत्री-को-बधाई Don Eisenberg https://www.dalailamahindi.com/news/2025/कनाडा-के-नव-निर्वाचित-प्रधानमंत्री-को-बधाई थेगछेन छोइलिंग, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश, भारत- परम पावन दलाई लामा ने आज मार्क कार्नी को पत्र लिखकर उन्हें कनाडा की लिबरल पार्टी का नेता चुने जाने तथा कनाडा का प्रधानमंत्री नियुक्त किए जाने पर बधाई दी है।

परम पावन ने लिखा, "मैं स्वयं मानद कनाडाई नागरिक होने का सौभाग्य प्राप्त करने वाला व्यक्ति हूँ, "मुझे विशेष रूप से इस बात पर गर्व है कि कनाडा में एक जीवंत लोकतंत्र है।विगत कुछ वर्षों में कनाडा की अपनी यात्राओं के दौरान, मैं कनाडा के लोगों द्वारा मेरे प्रति दिखाए गए मित्रता एवं प्रेम की भावना से बहुत प्रभावित हूँ।

"जैसा कि मुझे आपके पूर्ववर्तियों को बताने का अवसर प्राप्त हुआ था कि तिब्बती लोगों को दी जा रही निरंतर सहायता के लिए मैं कनाडा सरकार तथा वहाँ की जनता के प्रति भी आभार व्यक्त करना चाहूँगा।"

अंत में परम पावन ने कहा, "मैं कनाडा के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने, वैश्विक शांति तथा स्थिरता में योगदान के लिए आप सभी को शुभकामनाएं देता हूँ।"

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परम पावन दलाई लामा ने तिब्बत में आए भूकंप पर गहरा दुःख व्यक्त किया https://www.dalailamahindi.com/news/2025/परम-पावन-दलाई-लामा-ने-तिब्बत-में-आए-भूकंप-पर-गहरा-दुःख-व्यक्त-किया Don Eisenberg https://www.dalailamahindi.com/news/2025/परम-पावन-दलाई-लामा-ने-तिब्बत-में-आए-भूकंप-पर-गहरा-दुःख-व्यक्त-किया आज सुबह तिब्बत के डिंगरी एवं उसके आस-पास के इलाकों में आए विनाशकारी भूकंप के बारे में जानकर मुझे बहुत दुःख हुआ है।इस भूकंप की वजह से कई लोगों की जान चली गई,कई लोग घायल हो गए तथा घरों और संपत्तियों का व्यापक विनाश हुआ।

मैं उन लोगों के लिए प्रार्थना करता हूँ जिन्होंने अपनी जान गंवाई है तथा जो लोग घायल हुए हैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।

दलाई लामा
बाइलाकुप्पे, दक्षिण भारत



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पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक संवेदना https://www.dalailamahindi.com/news/2024/पूर्व-प्रधानमंत्री-श्री-मनमोहन-सिंह-के-निधन-पर-शोक-संवेदना Don Eisenberg https://www.dalailamahindi.com/news/2024/पूर्व-प्रधानमंत्री-श्री-मनमोहन-सिंह-के-निधन-पर-शोक-संवेदना परम पावन ने लिखा कि, "मैं उनका स्मरण अपनी प्रार्थनाओं में करूँगा, तथा इस दुखद समय में आपको और आपके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ।

"जब भी हम वर्षों बाद मिलते थे, तब मैं उनकी गंभीरता एवं अच्छी सलाह की ह्रदय की गहराई से सराहना करता था।मुझे लगता है कि वे मेरे लिए एक बड़े भाई की तरह थे।

"आपके पति दूसरों की मदद करने की प्रबल इच्छा से प्रेरित थे।उन्होंने भारत के विकास और समृद्धि, विशेष रूप से भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे भारतीय लोगों की स्थिति में सुधार हुआ।वे तिब्बती लोगों के भी अच्छे मित्र थे।

परम पावन दलाई लामा ने अपने पत्र का समापन इस प्रकार किया: "हम इस बात पर खुश हो सकते हैं कि 92 वर्षों तक उन्होंने वास्तव में सार्थक जीवन जिया-हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।"

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चिकित्सा विज्ञप्ति https://www.dalailamahindi.com/news/2024/चिकित्सा-विज्ञप्ति-1 Don Eisenberg https://www.dalailamahindi.com/news/2024/चिकित्सा-विज्ञप्ति-1 अपस्टेट न्यूयॉर्क, अमेरिका-हॉस्पिटल फॉर स्पेशल सर्जरी न्यूयॉर्क में एडल्ट रिकंस्ट्रक्शन एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्विस के प्रमुख डॉ. डेविड मेमन, एम.डी. ने सप्ताहांत में परम पावन दलाई लामा से मुलाकात की। परम पावन के घुटने की जाँच एवं फिजियोथेरेपी अभ्यासों का अवलोकन करने के बाद डॉ. मेमन ने सर्जरी के बाद की निम्नलिखित चिकित्सा जानकारी साझा की:

डॉ. मेमन ने कहा कि "परम पावन के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है”। “वे थेरेपी अच्छी तरह से कर रहे हैं तथा अच्छी प्रगति हो रही है। उनके स्वास्थ्य को और बेहतर होने के लिए अगले 6 से 12 महीनों तक थेरेपी जारी रहेगी। परम पावन के स्वास्थ्य में आज तक काफी सुधार हुआ है और हमें उम्मीद है कि सर्जरी के बाद यह पूरे एक साल तक जारी रहेगी”।

परम पावन दलाई लामा के घुटने की सफल रिप्लेसमेंट सर्जरी 28 जून को हुई थी।

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