प्रथम विश्व हिन्दू सम्मेलन

परम पावन दलाई लामा द्वारा भारत में हो रहे प्रथम विश्व हिन्दू सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भाग लेने के अवसर के चित्र, नई दिल्ली, भारत - नवंबर २१, २०१४
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प्रथम विश्व हिन्दू सम्मेलन

स्वागत

परम पावन चौदहवें दलाई लामा कार्यालय के आधिकारिक वेबसाइट में स्वागत। परम पावन तिब्बतीयों के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु हैं। वे प्रायः कहते हैं कि उनका जीवन तीन प्रतिबद्धताओं से निर्देशित है: आधारभूत मानवीय जीवन मूल्यों का विकास अथवा मानवीय सुख के लिए धर्मनिरपेक्ष नैतिकता, धर्मों के बीच समन्वय की भावना और तिब्बती समुदाय के कल्याण का पोषण, जिस में उनकी अस्मिता, संस्कृति तथा धर्म पर केन्द्रितकर उन्हें जीवंत रखना।

यहाँ खोजें कि किस प्रकार परम पावन अपनी प्रतिबद्धताओं को अपनी विभिन्न गतिविधियों, अपने सार्वजनिक वक्तव्यों, व्यापक अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं तथा प्रकाशनों से पूरा करते हैं।


 

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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में ११ वां  नेहरू स्मारक  व्याख्यान जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में ११ वां नेहरू स्मारक व्याख्यान
November 20th 2014
नई दिल्ली, भारत - २० नवंबर २०१४ - अरावली की पहाड़ियों की सबसे उत्तरी भाग में स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में आते हुए परम पावन दलाई लामा का कुलपति प्रो कस्तूरीरंगन, उप कुलपति प्रो एस के सोपोरी तथा प्रशासन के अन्य सदस्यों ने स्वागत किया। उन्होंने उन लोगों के साथ विचार-विमर्श के कुछ क्षण बिताए। उसके बाद वे उन्हें १२०० से अधिक शामियाने मंडप के नीचे एकत्रित श्रोताओं के समक्ष मंच पर ले गए क्योंकि इतनी बड़ी संख्या का हॉल में स्थान पाना संभव न था। मुस्कुराते जन समुदाय के सागर की ओर देखते हुए उन्होंने अपना हाथ हिलाया। उनका सौहार्दपूर्ण तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया गया।

तिब्बती समुदाय को संबोधन और चीनी छात्रों के साथ भेंट
November 6th 2014

'सुभाषित सार' - दूसरा दिन
November 5th 2014

'सुभाषित सार'
November 4th 2014

 

कार्यक्रम


प्रवचन, दिसम्बर २ से ५ तक, धर्मशाला, हि. प्र., भारत
परम पावन मुख्य तिब्बती मंदिर में मंगोलियाई दल के अनुरोध पर चोंखापा के महान पथक्रम पर प्रवचन देंगे। संपर्क वेबसाइट: dalailamamongolsunchoi.mn

प्रवचन, दिसम्बर २३ से २९ तक, मुंडगोड, कर्नाटक, भारत
परम पावन श्रद्धेय लिंग छोगटुल रिनपोछे और गदेन शरचे महाविहार के अनुरोध पर मुंडगोड में (आयोजन स्थल का निश्चय होना है) महान १८ पथक्रम (लमरिम) की टीकाओं पर अपना प्रवचन जारी रखेंगे।
संपर्क वेबसाइटें: http://www.jangchuplamrim.org और http://www.jangchuplamrim.com

प्रवचन, फरवरी १ व २, संकिसा, उत्तर प्रदेश, भारत
परम पावन भारत की युवा बौद्ध समाज (YBS) द्वारा आयोजित धम्मपद पर आधारित दो दिवसीय बौद्ध प्रवचन देंगे।
संपर्क ईमेल: hhdlteachingsankisa@gmail.com





 
 

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