अवलोकितेश्वर अनुज्ञा, दीर्घायु सर्मपण और कालचक्र अभिषेक का समापन

अवलोकितेश्वर अनुज्ञा, दीर्घायु सर्मपण और कालचक्र अभिषेक का समापन

14 जनवरी 2017

बोधगया, बिहार, भारत, १४ जनवरी २०१७- आज प्रातः जब परम पावन दलाई लामा ने कालचक्र मंदिर से नमज्ञल विहार की एक छोटी यात्रा तय की, तो पुनः एक बार उऩकी एक झलक पाने की आशा में दो या तीन मीटर गहन का जनमानस मार्ग पर पंक्तिबद्ध था।

कालचक्र अभिषेक का तीसरा व अंतिम दिन
कालचक्र अभिषेक का तीसरा व अंतिम दिन
January 13th 2017
बोधगया, बिहार, भारत, १३ जनवरी २०१७ - जब से परम पावन दलाई लामा का दो सप्ताह से अधिक पहले बोधगया में आगमन हुआ था तब के बाद आज आकाश में धुंध छट गई है और सूर्य बाहर निकला है पर फिर भी हवा में ठंड है। जैसा उन्होंने कल किया था, परम पावन शीघ्र ही कालचक्र मंदिर आ गए ताकि वे अभिषेक के प्राथमिक अनुष्ठानों को कर सकें, जिसमें उन्हें चार घंटे लग गए।
कालचक्र अभिषेक का दूसरे दिन - शिशु प्रवृत्ति के सात अभिषेक
कालचक्र अभिषेक का दूसरे दिन - शिशु प्रवृत्ति के सात अभिषेक
January 12th 2017
बोधगया, बिहार, भारत, १२ जनवरी २०१७- आज, परम पावन दलाई लामा ने पुनः अपना दिनारंभ उषा काल में किया। उन्होंने कालचक्र मंदिर में साढे छह बजे अभिषेक प्रदान करने की तैयारियाँ करने के लिए अपना आसन ग्रहण किया।
कालचक्र अभिषेक का प्रथम दिवस - मंडल में प्रवेश
कालचक्र अभिषेक का प्रथम दिवस - मंडल में प्रवेश
January 11th 2017
बोधगया, बिहार, भारत, ११ जनवरी २०१७- कालचक्र अभिषेक हेतु पूर्वापेक्षित अनुष्ठान करने में चार घंटे का समय लगाने के लिए परम पावन दलाई लामा अपने आवास नमज्ञल विहार से भोर होते ही निकले। इनमें प्रार्थना, साधना, कलशों का शुद्धीकरण, समक्ष सर्जन, समर्पण, आनुष्ठानिक रोटियों का समर्पण तथा आत्म सर्जन के अभ्यास शामिल हैं।
कालचक्र अभिषेक के लिए शिष्यों की तैयारी
कालचक्र अभिषेक के लिए शिष्यों की तैयारी
January 10th 2017
बोधगया, बिहार, भारत, १० जनवरी २०१७ - बोधगया में रात्रि की वर्षा ने धूल शांत कर दी, रास्तों को गीला और दलदला बना दिया किन्तु छाता विक्रेताओं की बेचने की संभावनाओं को सुधार दिया। कालचक्र मंदिर के लिए निकलने से पूर्व परम पावन दलाई लामा ने नेशनल ज्योग्राफिक टेलीविजन के लिए ऑस्ट्रेलियाई के पूर्व युद्ध संवाददाता मिशेल वेयर को एक साक्षात्कार दिया।
 

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कार्यक्रम


२०१७

सार्वजनिक व्याख्यान, फरवरी ५, नई दिल्ली, भारत: परम पावन तालकटोरा स्टेडियम में समकालीन भारत में भारतीय प्रज्ञा को पुनर्जीवित करने पर एक सार्वजनिक व्याख्यान देंगे। यह व्याख्यान विद्यालोक द्वारा आयोजित किया जा रहा है जो एक भारतीय प्रज्ञा की पहल है जो प्रज्ञा, बौद्धिक और आध्यात्मिक जिज्ञासा की भारतीय धरोहर को जागृत करने के लिए प्रेरित करती है। संपर्क वेबसाइट: www.vidyaloke.in

प्रवचन, मार्च १२, धर्मशाला, हि. प्र., भारतः
परम पावन प्रातः मुख्य तिब्बती मंदिर में जातक कथाओं से एक छोटा प्रवचन देंगे।

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